अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज; PM मोदी और CEC पर टिप्पणी से नाराज BJP पहुंची थाने, वीडियो पोस्ट करने के मामले में कार्रवाई
रायपुर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में अपराध दर्ज, BNS की चार धाराओं और IT एक्ट की धारा 67 के तहत मामला पंजीबद्ध

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो पोस्ट करने के मामले में रायपुर पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। रायपुर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में यह अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस ने अमित जोगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) और 356(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। भाजपा की ओर से इस मामले में पहले ही पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई थी।
राजेश मूणत के नेतृत्व में भाजपा ने खोला था मोर्चा
वीडियो को लेकर भाजपा विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सिविल लाइंस थाने पहुंचा था। भाजपा ने आरोप लगाया था कि वीडियो में प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
भाजपा नेताओं ने वीडियो तैयार करने, उसकी पटकथा लिखने और उसे प्रसारित करने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग भी की थी। राजेश मूणत ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
विवाद के बाद वीडियो हटाकर मांग चुके हैं माफी
विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो हटा दिया था। इसके बाद उन्होंने एक अन्य पोस्ट के जरिए माफी भी मांगी थी। अमित जोगी ने कहा था कि अपनी बात रखने का उनका तरीका सही नहीं था और जिस संदेश को वे देना चाहते थे, उसे दूसरे तरीके से भी रखा जा सकता था। उन्होंने पोस्ट से आहत लोगों से क्षमा मांगी थी।
SIR के विरोध से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, अमित जोगी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे थे। उनका आरोप था कि इस प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर सवाल हैं। इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लेते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था। अब यह राजनीतिक विवाद पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है।

